Cooking Oil Price Drop : हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में मुख्य वस्तुओं में से एक खाने वाला तेल होता है और आपको बता दें कि यह एक महत्वपूर्ण टॉपिक है क्योंकि सभी के घर में उसका इस्तेमाल हर दिन होता है जैसे सरसों का तेल या फिर फॉर्च्यून तेल या सूरजमुखी का तेल वर्ष 2025 में इसकी कीमत कुछ बदलाव आए हैं और सरकार ने भी इसमें अपना सहयोग किया है आपको बता दें जीएसटी घटना के बाद आप नागरिकों पर इसका सीधा असर देखने को मिला है चलिए जानते हैं पूरी खबर को।
कीमतों में क्यों आई गिरावट .
2025 में खाने के तेल की कीमत में गिरावट आई है क्योंकि सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी काम की है जनवरी से मार्च 2025 तक मस्टर्ड ऑयल की कीमत में गिरावट का ट्रेंड था क्योंकि ग्लोबल मार्केट में तेल सस्ता हो रहा था फिर जून 2025 में गवर्नमेंट ने क्रूड एडिबल ऑयल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 20% से घटकर 10% कर दी है जो मार्च 2025 तक जारी इससे इंपोर्ट सस्ता हुआ और रिटेल प्राइस कम हुआ उदाहरण के लिए अप्रैल 2025 में एडिबल ऑयल इंपोर्ट 36% कम हुआ क्योंकि ग्लोबल प्राइस हाय थे लेकिन अब सप्लाई बढ़ने से प्राइस ड्रॉप हो रहा है। Cooking Oil Price Drop
जीएसटी के बाद एडिबल ऑयल पर 5% टैक्स है जो 2017 से लागू है जीएसटी के बाद प्राइस ज्यादा स्टेबल हुए हैं लेकिन 2025 में ड्यूटी कट से ज्यादा गिरावट आई इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूस संगठन ( IVPA ) का कहना है कि सेल्फ सफिशिएंसी बढ़ने से इंप आर्ट काम हो रही है इसलिए प्राइस को नीचे ला रहा है।
अभी का ताजा Price क्या है !
अभी अक्टूबर 2025 में इंडिया में क्रूड ऑयल के फेवरेट रिजल्ट प्रिंस ऐसे हैं
- Sunflower oil – सूरजमुखी का तेल लगभग 1359 रुपए प्रति 10 क यानी करीब 136 रुपए प्रति लीटर पिछले महीने से 0.12% ऊपर है लेकिन साल की शुरुआत से कम है
- Soya Oil : सोयाबीन ऑयल 1220-1225 रिक्वेस्ट रिसीवड 10 क है यानी 122-123 रुपए प्रति लीटर यह 2025 में सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट होने वाला तेल है और प्राइस अभी भी स्टेबल है
- Palm Oil – पाम आयल ग्लोबल मार्केट में 443 8 प्रति टन इंडिया में रिटेल करीब 110-120 रुपए प्रति लीटर डिक्लाइन ट्रेंड में 0.18 प्रतिशत
- Mustard oil – सरसों का तेल 2025 में गिरावट आई करीब 170-176 रुपए प्रति लीटर जनवरी में ऊपर था लेकिन अब घटोत देखी जा रही है
क्यों है यह गिरावट महत्वपूर्ण
खाना पकाने के तेल की कीमत में गिरावट 2025 से आम लोगों को काफी ज्यादा राहत मिलेगी फेस्टिवल सीजन में तेल की खपत बहुत ज्यादा होती है अगस्त 2025 में लगभग 99052810 हो गया है जो पिछले साल से बहुत अधिक है लेकिन ग्लोबल में अर्जेंटीना से सप्लाई बढ़ने से वेजिटेबल ऑयल प्राइस कम हो रहा है इंडिया 2025 26 में 17.1 मिलियन टन इंपोर्ट कर सकता है जो रिफाइंड है लेकिन डोमेस्टिक प्रोडक्शन से प्राइस कंट्रोल रहेगा।